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Showing posts from January, 2019

बाबूलाल गौर बोले- भाजपा अब कुशाभाऊ वाली पार्टी नहीं रही, वरिष्ठ नेता हो रहे अपमानित

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा है कि भाजपा अब कुशाभाऊ ठाकरे वाली पार्टी नहीं है। अब यहां पर वरिष्ठों का सम्मान नहीं होता है, उन्हें अपमानित किया जाता है। बाबूलाल गौर ने कहा कि राघव जी, सरताज सिंह, और रामकृष्ण कुसमरिया जैसे वरिष्ठ नेताओं को अपमानित किया गया। लक्ष्मीकांत शर्मा का कद बढ़ने लगा तो उन्हें व्यापमं में फंसा दिया। कैलाश विजयवर्गीय जैसे नेता को प्रदेश छोड़ना पड़ा। एक के बाद एक अपने ही वरिष्ठ नेताओं को षड़यंत्र करके ठिकाने लगा दिया गया। असल में, गौर बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर निशाना साधा है। बाबूलाल गौर ने कहा कि पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया तो इसके एवज में हमने भी काम किया। इस बार पार्टी को चुनाव जितवाया। कैबिनेट से बाहर क्यों किया पूर्व मुख्यमंत्री गौर अब तक इस बात से खफा हैं कि उन्हें कैबिनेट से बाहर क्यों निकाला गया। गौर कहते हैं कि मुझे बिना गलती के कैबिनेट से बाहर कर दिया। क्या यह उचित था। एक बार तो सोचते कि मेरी जीवनभर की मेहनत, सम्मान को धक्का पहुंचा रहे हो। ऑफर पर विचार करेंगे गौर कहते हैं कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के...

习近平的中国:从“秦岭违建”案看其绝对权力的强化

原中共陕西省委书记、现全国人大内务 司法委员会副主任赵正永被查。赵之落马原因显然包括“秦岭违建”案。中共最近制作了一部名为《一抓到底正风纪》的专题片在全国播放,该片讲述的正是“秦岭违建”的整治情况。在中国,违规建筑很多, 以“秦岭违建”为题材专门拍部专 题片警示全党,可见在习近平眼中,此非小事。熟悉中国政治的人都清楚,以专题片形式来教育党员干部,表明片中所指的问题已经非常严重,需要党员干部防微杜渐。而片中被点名 的原陕西省委主要领导,就是赵正永。 秦岭别墅违建事件指的是在秦岭北 麓西安境内多年来违规建设的一批别墅。秦岭素有国家公园之称,是重要的生态保障区,早在2003年陕西省就对秦岭北麓的生态环境进行专项整治,禁止任何单位和个人在此从事房地产开发建设、修建商品住宅和私人别墅,并在2008年专门出台《秦岭生态环境保护条例》。但自2003年来, 有开发商陆续在秦岭北麓建造别墅。虽然 期间媒体也曾有报道,地方政府也一直在整治,但未能根治。针对秦岭北麓违建问题,习近平在2014年5月进行了第一次批示,可直到2018年7月第六次批示后,专项整治行动才大规模展开,截止2019年1月10日,共清查出1194栋违建别墅,其中依法拆除1185栋、依法没收9 栋;依法收回国有土地4557亩、退还 集体土地3257亩。与这些别墅相关的腐败案例也被挖出,多个陕西地方官员被问责。 表面看起来,秦岭别墅违建案时间之长数量之多在同类案件中罕见,但比起习近平每天要面对和处理的军国大事来,这其实算不了什么, 此类事情批示一次就了不起 ,批示两次表示非 常重视了,但在前后4年中, 竟劳驾习批示了六次。那么问题来了,习为何要纠缠此事不放?原因在于,它触动了习近平绝对权力的神经,这是“秦岭违建”案的本质所在。 习近平上台以来尤其是被封为核心后,中国当局一直在强调政治规矩政治纪律,强调四个意识和两个维护,然而,从该专题片披露的情况看, 陕西地方政府对习的批示和指示敷衍了 事,以“批示”贯彻“批示”,阳奉阴违,落实不力,简直不把习的权威放在眼里。可见,违建之事是小,习近平说话是否管用才是大问题。在习近平看来,如何对待自己的指令,在党的高 级干部中说话是否管用,关乎自己的绝 对权力和党国绝对主义统治能否建立以及持续的问题,这就绝不是小事。而陕西当局和赵正永正是在此事上犯了大忌,用专题片的话说,是政治...

1 फरवरी को पेश होगा अंतरिम बजट, संसद सत्र 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा

इस बार अंतरिम बजट 1 फरवरी को पेश होगा। इसके लिए कैबिनेट ने संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से 13 फरवरी के बीच कराने का फैसला लिया है । कैबिनेट की संसदीय मामलों से जुड़ी समिति ने बुधवार को यह फैसला लिया। न्यूज एजेंसी ने सरकारी सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। आधिकारिक ऐलान बाद में किया जाएगा। लोकसभा चुनाव के चलते अंतरिम बजट जब लोकसभा चुनाव होते हैं, उस वर्ष वित्त मंत्री अंतरिम बजट पेश करते हैं। यह बजट कुछ महीनों के सरकारी कामकाज चलाने के लिए होता है। नई स रकार बनने के बाद जुलाई में अनुपूरक बजट पेश किया जाता है जोे बाकी के वित्त वर्ष के लिए होता है। अन्य वर्षों में वित्त मंत्री पूर्ण बजट पेश करते हैं। इस बार अंतरिम बजट से उम्मीदें चर्चा है कि इस बार मोदी सरकार मिडिल क्लास को राहत देते हुए आयकर छूट की सीमा बढ़ा सकती है। आयकर में छूट के लिए निवेश की सीमा भी बढ़ाई जा सकती है। कंपनी के रेवेन्यू और ऑपरेटिंग इनकम टार्गेट के आधार पर बोनस की रकम तय की जाती है। बीते वित्त वर्ष में एपल के रेवेन्यू में 16% का इजाफा हुआ था। एपल का फाइनेंशियल ईयर 29 सितंबर को खत्म होता है और 30 सितंबर से नया वित्त...

राहुल की सर्चिंग बढ़ी, अमित शाह की घटी; लेकिन कांग्रेस से आगे निकली भाजपा

कांग्रेस की स्थापना के 134 साल पूरे हो गए हैं। कांग्रेस देश की सबसे पुरानी और सबसे ज्यादा समय तक शासन करने वाली पार्टी है। 11 दिसंबर 2017 को राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के एक साल के अंदर कांग्रेस कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सरकार बनाने में कामयाब रही। गूगल पर भी राहुल की सर्चिंग अमित शाह के मुकाबले बढ़ी है जो जुलाई 2014 से भाजपा अध्यक्ष हैं। गूगल ट्रेंड्स के मुताबिक, 11 दिसंबर 2017 से लेकर 11 दिसंबर 2018 तक राहुल की एवरेज सर्चिंग जहां 26 प्वॉइंट्स रही, वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की एवरेज सर्चिंग सिर्फ 6 प्वॉइंट्स रही। राहुल गांधी v/s अमित शाह : किसे कब ज्यादा सर्च किया गया? गूगल ट्रेंड्स के मुताबिक, राहुल के अध्यक्ष बनने के पहले ही हफ्ते उन्हें सबसे ज्यादा सर्च किया गया। 10 दिसंबर से 16 दिसंबर 2017 के बीच राहुल गांधी को 43 प्वॉइंट्स मिले, जबकि इसी दौरान अमित शाह को सिर्फ 5 प्वॉइंट्स मिले। इसके बाद मई में अमित शाह और राहुल गांधी दोनों की सर्चिंग बढ़ी। ऐसा इसलिए, क्योंकि मई में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। इसके बाद राहुल गांधी को जुलाई में सबसे ज्या...