प्रियंका की शादी: क्लैश नहीं होगी दीपिका-रणवीर की रिसेप्शन पार्टी

में जो खबर इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है वो है बड़े स्टार्स की शादियां. दीपिका और रणवीर ने अपनी शादी की आधिकारिक घोषणा कर दी है. इसके अलावा प्रियंका और निक जोनस की शादी की चर्चाएं भी जोरों पर चल रही हैं. प्रियंका की शादी और दीपिका की शादी के रिसेप्शन के क्लैश होने की भी खबरे हैं. मगर ताजा रिपोर्ट्स से इस कयास पर पूर्णविराम लगता नजर आ रहा है.

14-15 नवंबर को दीपिका-रणवीर की शादी के बाद इंडिया में दो रिसेप्शन रखे जाएंगे. इसमें एक मुंबई में 21 नवंबर को आयोजित होगा और दूसरा दीपिका के होम टाउन बेंगलुरु में 28 नवंबर को रखा जाएगा. पहले इस रिसेप्शन के 1 दिसंबर को होने की खबरें थीं. वहीं सूत्रों के मुताबिक प्रियंका और निक की शादी दोनों रिसेप्शन के खत्म होने के बाद होगी. दोनों की शादी 30 नवंबर से 1 दिसंबर तक चलेगी. दोनों जोधपुर के उमैद भवन पैलेस में शादी रचाएंगे.

21 अक्टूबर को दीपिका और रणवीर ने सोशल मीडिया पर कार्ड जारी कर अपने शादी की डेट बताई. इसके बाद से ही दोनों को हर तरफ से बधाइयां मिलने लगीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों लेक कोमो इटली के आलीशान विला डेल बालबियानेलो में शादी कर सकते हैं.

दोनों की शादी में 30 मेहमानों के शामिल होने की खबरें हैं. शादी में केवल परिवार वाले और कुछ करीबी ही शामिल होंगे. दोनों इटली की सबसे खूबसूरत जगहों में शुमार विला डेल बालबियानेलो में शादी रचाएंगे. मानचेस्टर यूनाइटेड के क्रिस स्मेलिंग और उनकी पत्नी सैम कूक की शादी भी यहीं पर हुई थी. रॉयल शादियों के लिए ये जगह मशहूर है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक गर्मा-गर्मी तेज हो गई है. रविवार को कांग्रेस नेता अभिनेता अभिषेक मनु सिंघवी ने छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ बीजेपी पर तीखा हमला बोला. साथ ही सूबे के मुख्यमंत्री रमन सिंह को कायर और डरपोक बताया. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि रमन सरकार ने नक्सलियों के सामने घुटने टेक दिया है.

रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'कायर और डरपोक मुख्यमंत्री रमन सिंह को एक मिनट भी मुख्यमंत्री रहने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने सभी अधिकार खो दिए हैं. रमन सरकार ने नक्सलियों के सामने घुटने टेक दिए हैं. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में और पीएम नरेंद्र मोदी ने केंद्र में देश की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है.'

शनिवार को नक्सली हमले में शहीद हुए चार जवानों का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदीराज में सीमा पर शहीद होने वाले सैन्य कर्मियों की संख्या में वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि भारत की जनता बीजेपी को कभी माफ करेगी. शहीदों की संख्या हर साल बढ़ रही है. साल 2016 से 2017 में शहीदों की संख्या बढ़कर 130 हो गई. इसके बाद साल 2018 में शहीदों की संख्या और बढ़ी.'

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि नोटबंदी के बाद से अब तक 30 बड़े नक्सली हमले हो चुके हैं, जिनमें 120 से ज्यादा सुरक्षा कर्मी शहीद हुए हैं. रमन सिंह ने कहा था कि नोटबंदी के बाद नक्सल खत्म हो जाएंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

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